शेर जैसा जिगरा चाहिऐ हमको हाथ लगाने मैं
मेरी कहानी को समझने के लिए तुम्हें मेरी जगह होना पड़ेगा…!
सोच तुम्हारी छोटी है इसलिए हम बड़े लगते हैं…!
हम दुश्मनों को भी बड़ी शानदार सज़ा देते हैं, हाथ नहीं उठाते बस नज़रों से गिरा देते हैं।
मैं वो इंसान हूँ जिसके हिस्से में दुश्मन भी खास आते हैं…! ⚔️
तूफान आएं या आंधी, मैं डगमगाऊंगा नहीं।
अभी कांच हूँ तो चुभ रहा हूँ, जिसदिन आईना बन जाऊंगा पूरी दुनिया देखेगी
जो मेरे में कमी हो तो बता दे तेरी सोच बदलवा देंगे.. !
जो चली गई थी वो लौट आई है स्वागत करो बेटा.. दरवाजे पर तेरी मौत आई है.. !
मुझे क्या देख रही है अपने वाले पर ध्यान दे।
तूने सिर्फ बाजी पलटी है मैं जिंदगी पलट दूँगा।
नफरत नहीं है किसी से बस अब कोई अच्छा नहीं लगता.. !
शुक्रिया जनाब तबाही और तहलका दोनों Attitude Shayari एक साथ मचाएंगे.. !
क्या एटीट्यूड शायरी केवल युवा पीढ़ी के लिए है?